35 C
Ranchi
Friday, April 9, 2021
Home झारखंड अन्य कुख्यात सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में 5 आरोपियों की सजा

कुख्यात सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में 5 आरोपियों की सजा

2 को मृत्युपर्यन्त आजीवन कारावास, 3 को मृत्यु आजीवन कारावास

हजारीबाग व्यवहार न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश अमित शेखर की अदालत ने कुख्यात अपराधी सरगना सुशील श्रीवास्तव और तीन अन्य की हत्या के मामले में आज पांच अभियुक्तों को सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले में विकास तिवारी और संतोष पांडे को सश्रम आजीवन कारावास मृत्यु तक तथा चालीस-चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसी हत्याकांड के अन्य अभियुक्तों विशाल कुमार सिंह, राहुल देव पांडे और दिलीप साव को भी  उम्रकैद की सजा सुनायी गयी और और तीस-तीस हजार का जुर्माना लगाया गया है। लोक अभियोजक भरत राम ने बताया कि बताया कि 2 जून 2015 को व्यवहार न्यायालय परिसर में ही विकास तिवारी एवं उनके सहयोगियों ने सुशील श्रीवास्तव, ग्यास खान और कमाल खान की एके-47 की अंधाधुंध फायरिंग से हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में 42 गवाहों ने  अपनी गवाही दर्ज कराई है।

- Advertisement -

लोक अभियोजक भरत राम ने बताया कि  विकास तिवारी एवं संतोष पांडे को सश्रम आजीवन कारावास मृत्यु तक एवं 40000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। उपरोक्त सजा भादवि की धारा 302 एवं 120 बी के तहत सुनाई गई है। भादवि की धारा 353 में 2 साल और 6000 का जुर्माना,  25(1ए) में 8 साल एवं 25000 का जमाना, 35 में 6 साल व 15 हजार का जुर्माना की सजा सुनाई गई है। 27(2) में 10 साल एवं 20000 का जुर्माना तथा भादवि की धारा 341 में 1 माह की सजा और 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकार विस्फोटक अधिनियम 3 के तहत 10 साल और 20000, विस्फोटक अधिनियम 4 में 6 साल और 15000 का जुर्माना, वही विस्फोटक अधिनियम 5 में 6 साल की सजा एवं 15000रुपये  का जुर्माना लगाया गया है।

इसी हत्याकांड के अन्य अभियुक्तों विशाल कुमार सिंह, राहुल देव पांडे एवं दिलीप साव को भी भादवि की धारा 302 और 120 बी के तहत उम्रकैद की सजा और 30,000 का जुर्माना लगाया गया है। भादवि की धारा 353 में 2 साल की सजा एवं 6000रुपये  जुर्माना एवं 341 में 1 माह की सजा और 200रुपये  का जुर्माना लगाया गया है। लोक अभियोजक भरत राम ने बताया कि हजारीबाग व्यवहार न्यायालय का यह बहुत बड़ा फैसला है। उन्होंने बताया कि 2 जून 2015 को व्यवहार न्यायालय परिसर में ही विकास तिवारी एवं उनके सहयोगियों ने सुशील श्रीवास्तव, ग्यास खान एवं कमाल खान की एके-47 की अंधाधुंध फायरिंग से हत्या कर दी थी। बताया गया कि 42 गवाहों ने इस मामले में अपनी गवाही दर्ज कराई है।

- Advertisment -

सबसे लोकप्रिय

देश के पहले दृष्टिबाधित आईएएस अधिकारी ने बोकारो के उपायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किए

बोकारो के 32 वें उपायुक्त राजेश कुमार सिंह ने लिया पदभार बोकारो (एजेंसी)। बोकारो समाहरणालय सभाकक्ष में आज को...

विदेशी पूंजी भंडार 6 अरब डॉलर बढ़ा

मुंबई (एजेंसी)। भारत के विदेशी पूंजी भंडार में तीन जुलाई को समाप्त सप्ताह में 6.416 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। आरबीआई...

इतिहास में भी हैं अवसर

इतिहास में प्राचीन मानव संस्कृति, पुरानी सभ्यता, खंडहरों, उनकी गतिविधियों, प्राचीन सिक्के, बर्तन, चमड़े की किताबें, भोजपत्र पर लिखित पुस्तकें, शहरों के...

बहरीन की महिला खिलाड़ी डोप टेस्ट में विफल, भारतीय मिश्रित रिले टीम को मिला स्वर्ण

नई दिल्ली (एजेंसी)। बहरीन की 2018 एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता रिले टीम डोप जांच में विफल रही है। ऐसे में भारत...

यूपीएससी परीक्षा में देवघर के रवि जैन टॉप टेन में, 9वां स्थान मिला

झारखंड के भी कई अभ्यर्थियों को मिली सफलता रांची(एजेंसी)। । संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा...

बीएमडब्ल्यू ने भारत में लॉन्च 20.90 लाख की बाइक

बाइक का सिर्फ एक वेरियंट 'प्रो' पेश किया नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय बाजार में बीएमडब्ल्यू मोटोरॉड ने नई बीएमडब्ल्यू...

हाल का