24.1 C
Ranchi
Thursday, July 29, 2021
Home जीवन शैली करियर बायो फ्लॉक टैंक विधि से मछली पालन, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन...

बायो फ्लॉक टैंक विधि से मछली पालन, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे युवा

एक फ्लॉक टैंक से मासिक 20-25 हजार का हो रहा है मुनाफा

रांची। कोरोना संक्रमण के इस दौर में जहां लोग अपने एवं अपने रिश्तेदारों और करीबियों की को बचने बचाने की जद्दोजहद कर रहे है वही पाकुड़ जिला अंतर्गत महेशपुर प्रखंड के सोनारपाड़ा गांव के  इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बिट्टु कुमार दास जैसे कई युवा नीली क्रांति के सपने को साकार करने में जुटे हैं ।

पाकुड़ जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दुरी पर पश्चिम बंगाल से सटा सोनारपाड़ा गांव है। सोनारपाड़ा के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बिट्टु कुमार दास ने लगभग 10 कट्ठा ज़मीन पर इंटीग्रेटेड फॉर्म लगाया है। उन्होंने एक साल पहले तकरीबन  2 लाख रूपये की राशि से चार बायो फ्लॉक टैंक का निर्माण कराने के बाद मछली पालन का काम शुरू किया था । बिट्टु कुमार दास की कड़ी मेहनत की वजह से धीरे धीरे उनका मत्स्य पालन का काम जोर पकड़ा और वे आज इसके ज़रिय अच्छी आमदनी जुटाकर आत्मनिर्भर बन चुके हैं ।

जब देश में कोरोना संक्रमण का फैलाव शुरू हुआ और लोग बाजारो में कम संख्या में निकलने लगे, तब भी बिट्टु कुमार दास ने वैसे विकट हालात में भी नीली क्रांति की मशाल  जलाये राखी और उसे लेकर आगे बढ़ते रहे उन्होंने इस दौरान भी पश्चिम बंगाल के नईहट्टी से मछली का जीरा लाया और अपने इंटीग्रेटेड फॉर्म में मछली पालन को जारी रखा । बिट्टु फिलवक्त मछली पालन से प्रतिमाह 20 से 25 हजार रूपये की आमदनी जुटा रहे हैं । उनका मानना है कि यदि उन्हें  क्रियाशील पूंजी मिल जाय और नियमित बिजली मिले तो आमदनी प्रतिमाह लाख रूपये से ऊपर होगी।

पश्चिम बंगाल के  मल्लारपुर प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज में बतौर सहायक शिक्षक अपनी सेवा दे रहे बिट्टु महेशपुर के लोगो को स्वादिष्ट मछली का सेवन कराने के साथ साथ पश्चिम बंगाल के मुरारोई और रघुनाथगंज में वृहद पैमाने पर मछली की आपूर्ति भी करते हैं । आज पश्चिम बंगाल के आधा दर्जन स्थानो से कारोबारी मछली की खरीददारी करने सोनारपाड़ा स्थित बिट्टु के फॉर्म हाउस पहुंच रहे है। महेशपुर प्रखंड के आसपास के गांवो के लोग भी ताजा और स्वादिष्ट मछली खरीदने यहाँ आ रहे है।

इधर पाकुड उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मत्स्य पालको की आय में वृद्धि करने और उनकी आर्थिक स्थिति में मजबुती लाने के लिए कार्य योजना बनायी गयी है। मछली पालन को कृषि के साथ जोड़ने पर बल देते हुए उन्होने बताया कि जिला मोनिटरिंग टीम को तालाबो में कन्वर्जन कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का काम किया जायेगा।
केंद्र और राज्य सरकार के प्रोत्साहन से देश के कर्मठ युवा आत्मनिर्भर भारत को मूर्त रूप देने में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं जो न केवल उनके लिए फायदेमंद साबित हो रहा है बल्कि यह देश और समाज के लिए भी हितकारी साबित हो रहा है।

सबसे लोकप्रिय

पढ़ने का शौक है तो लाइब्रेरी साइंस लें

आम तौर पर माना जाता है कि एक लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों की सही तरह से व्यवस्था करना है पर यह...

लैंगिक संवेदनशीलता और समाज

आधुनिक समाज में महिला उत्थान लिए उसका आर्थिक सशक्तीकरण जरूरी है। आज सामाजिक उतरदायित्व ,घरेलू रख-रखाव और उत्पादक कार्यों में माहिलाओं की...

ईएसएल ने अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल कर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता की पुष्टि की

कारों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की शुरूआत की, अगले चरण में बसों को बदला जाएगा 2025 तक सभी वाहनों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण एवं स्थायित्व के लिए अपनी प्रतिबद्धता तथा सभी वाहनों को 2025 तक...

दिशा ने रातों-रात की यूजर्स की बोलती बंद

मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी की तस्वीरों पर यूजर्स ने उन्हें अपनी स्टाइलिस्ट चेंज करने की नसीहत दे दी थी। लोगों...

12वीं के बाद कर सकते हैं यह कोर्स

बारहवीं के परिणाम घोषित हो गये हैं। अब छात्रों की नजर भविष्य पर है। जो छात्र कला क्षेत्र के हैं उनके लिए...

ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड में भारत और रूस बने संयुक्त विजेता

नई दिल्ली (एजेंसी)। इंटरनेट और सर्वर की खराबी के कारण भारत और रुस को ऑनलाइन विश्व शतरंज ओलंपियाड का संयुक्त विजेता घोषित...

हाल का

गुरु के संसर्ग में ही निखरता है आत्म-प्रकाश

गुरु पूर्णिमा अवसर है हर शिष्य के लिए आत्म-दर्शन का। गूगल का जमाना है। प्रश्नों से अधिक उत्तर हैं। इसलिए कई प्रबुद्ध...

आषाढ़ पूर्णिमा को हीं गुरु पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:।गुरुर्साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:।। अर्थात गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश है। गुरु तो परम...