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Friday, May 7, 2021
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यूपीएससी परीक्षा में देवघर के रवि जैन टॉप टेन में, 9वां स्थान मिला

झारखंड के भी कई अभ्यर्थियों को मिली सफलता

रांची(एजेंसी)। । संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में झारखंड के भी कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।

झारखंड के देवघर के रहने वाले रवि जैन टॉप टेन में रहे और वे 9वें स्थान पर रहे। अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिभावान युवा की इस सफलता पर कृषिमंत्री बादल ने दी है। उन्होंने कहा कि यह देवघर ही नहीं पूरे राज्य के लिए गौरव करने की बात है कि हम सबके बीच का एक बच्चा देश के सबसे कठिन परीक्षा में नौवें स्थान पर हैं। बादल ने कहा कि रवि जैसे होनहार छात्रों से युवाओं को सीखने की जरूरत है की यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और इरादे मजबूत हो तो किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है।

हजारीबाग के दीपंकर चौधरी ने 42वं और प्रियांक किशोर ने 61 स्थान हासिल की है, जबकि रांची के खेलगांव सोसाइटी में रहने वाले शैलेंद्र कुमार के छोटे भाई की पत्नी अनुपमा सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 90वां स्थान हासिल की है। डॉ. अनुपमा सिंह का ससुराल रांची स्थित खेलगांव है। वो पटना की रहने वाली हैं। पीएमसीएच से एमबीबीएस की पढ़ाई की और आईजीआईएमएस, पटना में गाइनी विभाग में डॉक्टर थीं। करीब 6 माह पूर्व उन्होंने रिजाइन कर दिया और दिल्ली से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। इनके पति भी रांची में डॉक्टर हैं और दंपती का चार साल का एक बेटा है। अनुपमा ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी में सेलेक्ट कर ली गईं।

जमशेदपुर के सीएच एरिया की रहने वाली मूमल राजपुरोहित ने यूपीएससी में 173 वां रैंक लाकर शहर का नाम रोशन कर दी है। मूमल राजपुरोहित के पिता जगबीर सिंह वन विभाग के बड़े अधिकारी हैं, और इनकी पुत्री मूमल राजपुरोहित यूपीएससी में परचम लहरा कर अपने माता पिता के साथ अपने पूरे परिवार के सपने को साकार कर दिया है।
डा हर्षा प्रियंवदा ने 165 वां रैंक प्राप्त कर सिंदरी और धनबाद जिले का नाम रौशन किया है। पीएमसीएच धनबाद के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा धर्मेंद्र कुमार और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा रेखा नायक की पुत्री डा हर्षा प्रियंवदा की स्कूली शिक्षा प्राइमरी स्कूल सरस्वती विधा मंदिर पेटरवार बोकारो दसवीं तक की शिक्षा कार्मेल स्कूल डिगवाडीह तथा प्लस टू की दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो से हुई थी। डा हर्षा प्रियंवदा ने 2018 में एम बी बी एस पीएमसीएच पटना से किया था। और 2019 में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज में सफलता का परचम लहरा दिया।

यूपीएससी परीक्षा में चाईबासा के दो चचेरे भाइयों ने सफलता हासिल की है। चाईबासा के सौरभ गुप्ता ने 115 वां रैंक तथा अविनाश गुप्ता 474 रैंक हासिल किया।

झारखंड के 3 आदिवासी युवाओं ने भी सफलता प्राप्त की है।साहेबगंज के शशांक शेखर को 400वां रैंक, खूंटी की रीना हांसदा को 430वां रैंक, रांची की ही डॉ आकांक्षा खलखो को पहले प्रयास में ही 467वां रैंक, चाईबासा के अभिनव को 472वां रैंक और गोड्डा के कुमार सत्यम को 696वां रैंक मिला है। खूंटी की आदिवासी बेटी रीना हांसदा ने यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर जिले का नाम रोशन की है। वहीं गढ़वा शहर के सहिजना टी निवासी शैलेंद्र कुमार वर्मा का पुत्र शिवेंदु भूषण ने सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में 83वां रैंक प्राप्त किया है।

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